Shighrapatan Rokne Ki Ayurvedic Dawa

Shighrapatan Rokne Ki Ayurvedic Dawa

शीघ्रपतन रोकने की आयुर्वेदिक दवा

शीघ्रपतन-

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शीघ्रपतन से अर्थ है मैथुन के दौरान एकाएक बिना तृप्त हुए वीर्य स्खलित हो जाना। स्त्री इस असमय वीर्य स्खलन से क्रुद्ध हो उठती है। जल्दी वीर्यपात हो जाने से पुरूष को भी आनंद नहीं आता। जब तक चरम सीमा न आये, तब तक वीर्यपात नहीं होना चाहिए। रोगी की चरम सीमा कुछ क्षण की होती है। कई रोगी तो शिश्न, योनि में प्रविष्ट होते ही स्खलित हो जाते हैं। कई ऐसे रोगी भी होते हैं, जो स्त्री के समीप जाते ही ढेर हो जाते हैं। ऐसे पुरूषों से स्त्रियां घृणा करने लगती हैं तथा पुरूष भी खुद को लज्जित अनुभव करने लगते हैं। कई पुरूष बाद में हीन भावना से ग्रस्त हो जाते हैं और हर स्त्री के समीप जाने से भी डरने लगते हैं।

जो व्यक्ति संयम और धैर्य रखकर मैथुन करते हैं, वे निश्चित ही संभोग क्रीड़ा में सफल होते हैं और जो व्यक्ति संयम और धैय नहीं रखते वे असफल हो जाते हैं। हड़बड़ी में मैथुन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

जो लोग स्त्री के पास जाते ही मैथुन प्रारम्भ कर देते हैं, उनकी सफलता संदिग्ध हो जाती है। पौष्टिक भोजन के अभाव में भी दुर्बलता के कारण शीघ्र स्खलन होता है। मैथुन के समय दुनियां की अच्छी-बुरी बातों को भूलकर केवल मैथुन पर ध्यान केन्द्रित करके संभोग का आनंद लेना चाहिए। भय, क्रोध, चिंता-तनाव, शोक, मोह आदि सब मस्तिष्क से निकाल फेंकने से ही मैथुन समर्थता हासिल होती है। ये विकार मैथुन को असफल कर देते हैं।

मानसिक विकार संज्ञावह तंत्रिकाओं को शिथिल कर देते हैं। मैथुन तभी सफल होता है, जब स्त्री-पुरूष आपस में प्रेमालाप करें। उसके पश्चात् पूर्ण उत्तेजनावस्था आने के बाद मैथुन प्रारम्भ करें।

कुछ चिकित्सकों का मत है कि यदि पुरूष ग्रंथि की मालिश की जाये तो इस समस्या से बचा जा सकता है। कुछ चिकित्सकों का मत है कि कंडोम का इस्तेमाल करके भी तुरन्त वीर्यपतन नहीं होता।

घरेलू व प्राकृृतिक चिकित्सा-

जल्दी वीर्यपात की समस्या से ग्रसित लोग अपने आप में ही घुटते रहते हैं। कई व्यक्ति तो इस रोग की वजह से इतने हताश और टूट जाते हैं कि वह खुद को ही कोसने लगते हैं। जीने का जोश का ही उनका ठंडा पड़ जाता है। उन्हें लगता है उन्हें मर्द कहलाने का कोई हक नहीं है। वह किसी स्त्री के लायक ही नहीं हैं। शीघ्रपतन की समस्या धीरे-धीरे उन्हें लापरवाही व भ्रमित मानसिकता के चलते नपुंसकता की ओर ले चलती है। आखिर में स्थिति ये भी हो जाती है कि पुरूष अपने आपको पूरी तरह नपुंसक मानने लगता है। उसे लगता है कि अब वह किसी भी स्त्री के लायक नहीं रह गया है।
वैसे तुरन्त वीर्यपतन की समस्या इतनी गंभीर बात नहीं है। थोड़ा सा परहेज करके, अपनी दैनिकचर्या में बदलाव करके व कुछ सावधानियों का अनुसरण करके कोई भी पुरूष जो इस रोग की समस्या का शिकार है, पूरी तरह स्वस्थ होकर एक जोशीला मर्द बन सकता है। अपनी सेक्स क्षमता बढ़ा सकता है।

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घरेलू व प्राकृृतिक चिकित्सा-

Shighrapatan Rokne Ki Ayurvedic Dawa

1. पीपल वृक्ष की जड़ और फल समभाग सुखाकर पाउडर यानी चूर्ण बना लें। 2-2 चाय चम्मच मिश्री मिले दूध के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम सेवन करें, लाभ होगा। इससे वीर्य गाढ़ा होता है और जल्दी स्खलन की समस्या दूर होकर दोबारा कभी नहीं लौटती। बशर्ते आप स्वयं का ध्यान रखें और नियमों का सही से पालन करें तो।

2. काली मूसली का चूर्ण 5 ग्राम, बंग भस्म आधा ग्राम, शहद में मिलाकर प्रतिदिन दो बार लगातार 40 दिन तक सेवन करें। इसे सेवन करने के आधा घण्टा बाद तक कुछ भी न खायें।

3. भुने चने के आटे(सत्तू) में चीनी मिलाकर खाने से लाभ होता हैं।

4. रोजाना सुबह खाली पेट टोपी सहित 2-3 छुहारे खाने एवं रात को छुहारे उबाल कर खाने से तुरन्त वीर्यपतन की समस्या
में जबरदस्त लाभ होता है। छुहारा की गुठली निकाल दें, लेकिन टोपी को न फेंके, बल्कि खा लिया करें।

5. बरगद का दूध 20 बूंद बताशे पर डालकर प्रतिदिन सुबह खाली पेट खाकर ऊपर से धारोष्ण दुग्ध का सेवन करें, लाभ होगा।

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6. तुरन्त वीर्यपतन व किसी भी यौन समस्याओं में प्याज का सेवन भी एक बेतहर विकल्प माना गया है। सामान्य प्याज और हरा प्याज दोनों ही गजब के फायदेमंद हैं, सेक्स समस्याओं में। भोजन करने से पूर्व एक गिलास पानी लेें और उसमें हरे प्याज के बीज घोलकर पी जायें। इसे पीने से आपके शरीर को भरपूर ताकत प्राप्त होगी। कच्चे प्याज का अधिक सेवन भी कर सकते हैं, अगर आप चाहें तो।

7. अदरक भी एक गुणकारी उपाय है शीघ्रतपन के रोग में। इसके लिए आपको करना क्या है कि रात को जब आप सोने लगें, तो उससे पहले 1 चम्मच अदरक का पेस्ट बनाकर, शहद के साथ चाटें। यह उपाय आपकी बाॅडी में गरमी बढ़ाता है और आपके रक्त परिसंचरण को भी दुरूस्त रखता है।

8. भिंडी को सुखाकर उससे तैयार किया गया चूर्ण यानी पाउडर का सेवन करना भी जल्दी वीर्यपात की समस्या के उपाय में रामबाण की तरह काम करता है। इसके लिए आप सोने से पहले 10 ग्राम भिंडी के पाउडर को एक गिलास दूध में मिलाकर पियें। अगर यह उपाय आप नियमित रूप से एक मास तक करते हैं, तो एक महीने में ही आपको स्वयं फरक नजर आने लगेगा और आपके अंदर आत्मविश्वास बढ़ेगा, जिससे आप धीरे-धीरे शीघ्र स्खलन की समस्या से पूरी तरह छुटकारा पाने में सफल हो जायेंगे।

9. लहसुन की बात करें, तो यह भी एक सर्वोत्तम देसी उपाय है शीघ्र स्खलन की समस्या को दूर करने के लिए। इसके लिए आप प्रतिदिन 3 से 4 कलियां लहसुन की अच्छे से चबा कर सेवन करें। इसके अलावा आप गाय के देसी घी में इन लहसुन की कलियों को अच्छे से फ्राई करके भी सेवन कर सकते हैं।

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केवल पुरूषों के लिए हिंदी में ब्लाॅग, जानिए शीघ्रपतन क्यों होता है? Shighrapatan Rokne Ki Ayurvedic Dawa
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