Shighrapatan Ayurvedic Medicine

Shighrapatan Ayurvedic Medicine

शीघ्रपतन आयुर्वेदिक मेडिसिन

Shighrapatan Ayurvedic Medicine, Shighrapatan Ki Dawa, Shighrapatan Ki Medicine in Hindi

यदि स्त्री को संतुष्ट किये बिना ही पुरूष स्खलित हो जाता है, तो उसे शीघ्रपतन कहते हैं। ये रोग, संभोग काल की अवधि को कम करता है। रोग की जटिलता अधिक हो तो कई पुरूष संभोग से पहले ही स्खलित हो जाते हैं। कई तो आलिंगन करने मात्र से स्खलित हो जाते हैं।

मुख्य कारण-

यह रोग सामान्यतः अति संभोग, हस्तमैथुन, मदिरापान, गांजा, अफीम जैसे नशीले पदार्थों के सेवन से भी होता है। अश्लील वातावरण में रहना, अश्लील चित्र देखना और अश्लील साहित्य पढ़ना भी इस रोग के कारण हैं।

चिकित्सा-

Ayurved Upchar Se Karen Shighrapatan Ko Dur

1. अकलकरा(अकरकरा) उत्तम वीर्यवर्धक, कामोत्तेजक एवं स्तम्भन कारक है। इसे कौंच के बीज एवं असगंधादि के साथ लेने से लाभ होता है।

2. कनेर की जड़ की छाल, इलायची के बीज, केशर, सरपंखा की जड़, लवंग, मोचरस, जायफल, रूमी मस्तगी, भांग, अकरकरा, पीपर, अफीम, भीमसैनी कर्पूर, कस्तूरी, बिधारे के बीज, ज्वार की जड़, जावित्री, धतूरे के बीज, खुरासानी अजवायन और रस सिन्दूर समान मात्रा में लेकर नागरबेल पान के रस में खरल करके काली मिर्च के बराबर गोलियां बना लें। संभोग से दो घंटे पूर्व एक गोली पानी के साथ खाकर ऊपर से दूध पीने से अत्यधिक स्तम्भन होता है।

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3. कमरकस(एक प्रकार का गोंद) मूत्र की जलन और मूत्राशय की पथरी को ठीक करता है, वीर्यवर्धक, बाजीकरण, सुज़ाक, प्रदर तथा शीघ्रस्खलन में लाभप्रद है। 1 से 3 ग्राम मिश्री मिले दूध के साथ सुबह-शाम लें।

4. संभोग करते समय करंज की जड़ को दांत के नीचे दबाकर रखने से वीर्य स्खलित नहीं होता है। इससे स्तम्भन अत्यधिक पैदा होती है।

5. करेने के पत्तों और करेले के रस को आग पर खुश्क करके 3-3 ग्राम की गोलियां बना लें। 1 गोली पहले थोड़ा गाय का दूध पीकर ऊपर से गाय के दूध के साथ निगल लें। इसके बाद थोड़ा-सा शहद चाट लें। इस योग से संभोग क्षमता और स्तम्भन शक्ति बहुत बढ़ जाती है।

6. स्तम्भन वटी- केशर, लौंग, जायफल, जायपत्री, शक्कर, सेमर की जड़, माजूफल, कालीजीरी, समुद्र शोष के बीज, मूसली, अकरकरा, बबूल की बारीक फलियां, राल, काली पहाड़ की जड़, रूमी, मस्तगी, शुद्ध हींगूल अफीम, इन्द्र जौ प्रत्येक 10 ग्राम और कस्तूरी तथा कर्पूर 5-5 ग्राम सबको शहद में घोंटकर 250 मि.ग्रा. की गोलियां बना लें। 1 से 2 गोली मिश्री मिले दूध के साथ लेने से अत्यधिक स्तम्भन होता है।

7. एक बड़ा जायफल 7-8 ग्राम से कम का नहीं हो, लेकर खोखला करके उसमें 1.5 ग्राम अफीम भर दें। फिर उसके मुंह को आटे से बंद कर दें। ऊपर से फिर आटे की मोटी परत चढ़ाकर गोली बनाकर आग पर सेकें। जब आटा लाल हो जाये तो आटे को उतार कर अफीम सहित जायफल को पीसकर शहद मिलाकर झड़बेरी के बेर के बराबर गोलियां बना लें। 1 गोली संभोग से पहले मिश्री मिले दूध के साथ लेने से अत्यधिक स्तम्भन होता है।

8. तुलसी की जड़ का चूर्ण और जमीकन्द का चूर्ण मिलाकर 125 से 250 मि.ग्रा. पान में रखकर खाने से अत्यधिक स्तम्भन होता है।

9. पान में पुनर्नवा की जड़ चबाकर खाने से स्तम्भन होता है।

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10. पोई(पोरो) साग के ताजे रस का कामेन्द्रिय पर लेप करने से अत्यधिक स्तम्भन होता है।

11. ब्रह्मदण्डी का चूर्ण 4 से 10 ग्राम मिश्री मिले गाय के दूध के साथ नित्य सुबह-शाम लेने से कामशक्ति और स्तम्भन शक्ति बढ़ती है।

12. बंग भस्म को कस्तूरी के साथ लेने से स्त्री सहवास के समय अत्यधिक स्तम्भन होता है।

13. स्त्री का स्मरण करते ही जिन लोगों का वीर्यपात हो जाता हो, उन्हें काली मूसली का चूर्ण बंग भस्म के साथ देने से लाभ होता है।

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केवल पुरूषों के लिए हिंदी में ब्लाॅग, जानिए शीघ्रपतन क्यों होता है? Shighrapatan Ayurvedic Medicine
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Chetan Anmol Sukh
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