Shighrapatan Ke Upay

Shighrapatan Ke Upay

क्या आपके साथ भी होता है, शुरू किया नहीं, कि खेल खत्म!

शीघ्रपतन (Premature Ejaculation)

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यूं तो जो पुरूष शीघ्रपतन की समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि शीघ्रपतन क्या है? किन्तु फिर भी यहां हम उन पुरूषों के लिए जो शायद न जानते हों कि यह समस्या क्या होती है, बताना चाहेंगेे कि संभोग के दौरान यौन प्रवेश से पूर्व या फिर यौन प्रवेश के तुरन्त बाद ही वीर्य स्खलन हो जाना शीघ्रपतन कहलाता है। यदि आपके साथ ऐसी समस्या पेश आ रही है, तो आप शीघ्रपतन से ग्रसित हैं। लेकिन यहां एक बात और ध्यान देने योग्य यह है कि यदि कभी-कभार ऐसा होता है, जोकि संभोग की तत्काल स्थिति पर निर्भर करता है, तो यह शीघ्रपतन रोग नहीं है। अगर बार-बार या फिर लगातार ऐसा होता है, तो यह शीघ्रपतन की समस्या है।
शीघ्रपतन की समस्या में पुरूष अपनी महिला साथी के साथ संभोग के दौरान कुछ ही क्षणों में या फिर फोरप्ले के दौरान ही स्खलित हो जाता है, जिस कारण उसकी महिला साथी की यौन पिपासा अधूरी रह जाती है और उसे पूर्ण आनंद और तृप्ति प्राप्त नहीं होती। इस स्थिति में पुरूषों का मारे शर्म के बहुत बुरा हाल होता है। उन्हें इस कदर शर्मिन्दगी का एहसास होता है कि वह पत्नी या स्त्री पार्टनर से नजरें तक नहीं मिला पाते हैं। कई बार तो शीघ्रपतन की समस्या से हमने घर टूटते भी देखे हैं, क्योंकि पत्नी की शिकायत होती है कि वह ऐसे पुरूष के साथ अपना सारा जीवन व्यर्थ नहीं कर सकती, जो उसे स्त्री सुख भी न दे सके। यह बहुत ही गंभीर और चिंताजनक विषय है, इसलिए पुरूषों को चाहिए कि समय रहते अपनी इस समस्या का निदान कर लें।
यहां नीचे हम ऐसे ही पुरूषों के लिए कुछ लाभार्थ घरेलू उपयो के बारे में बता रहें हैं
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शीघ्रपतन का नाश करने वाले जबरदस्त घरेलू नुस्खे-

Shighrapatan Ke Upay

1.धतूरे के बीज को पीसकर नाभि पर लेप करने के आधा घंटा बाद संभोग करें, तो स्तम्भन शक्ति बढ़ती है, जिससे वीर्य को अंदर रोकने की क्षमता को बल मिलता है और शीघ्रपतन नहीं होता।

2. सिरिस के पुष्पों का स्वरस प्रति मात्रा 10 से 20 मि.लि. नित्य सुबह-शाम मिश्री मिले दूध के साथ सेवन करायें। शुक्र का विशेष रूप से स्तम्भन होगा।

3. छोटी माई का चूर्ण प्रति मात्रा 2 से 4 ग्राम नित्य सुबह-शाम सेवन करने से शीघ्रपतन की शिकायत दूर हो जाती है।

4. पीपलवृद्ध(अश्वत्थ) के फल, मूल छाल एवं कोपलों को समान मात्रा में लेकर पीसकर, दूध में अच्छी तरह उबाल गुनगुना रहने पर ही शहद और शर्करा मिलाकर नित्य सुबह-शाम सेवन करने से उत्तम बाजीकरण एवं स्तम्भन होता है।

5. अफीम के साथ जायफल भूनकर मिश्रित योग तैयार कर लें। इसमें से चैथाई से 1 ग्राम प्रतिमात्रा नित्य 1-2 मात्रायें सेवन कराने से स्तम्भन क्षमता की वृद्धि होती है।

6. बड़(बरगद, वटवृक्ष) का दूध 20 से 30 बूंद नित्य शीघ्रपतन को रोगी को पिलायें, तो तीन सप्ताह पूरा होते-होते स्तम्भन शक्ति बढ़ जाती है और वीर्य को रोकने की क्षमता को बल मिलता है, जिस कारण स्त्री भी संतुष्ट हो जाती है।

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7. समुद्रशोष के बीज प्रति मात्रा 3 से 6 ग्राम जल में डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दें। लुआबदार होने पर मिश्री के साथ घोंट कर नित्य सुबह-शाम सेवन करने पर वीर्य स्तम्भन होता है। यह पूर्ण सफल योगों में से एक है।

8. बबूल की फली का मिश्री के साथ समभाग चूर्ण तैयार कर लें। इस मिश्रित योग में से प्रति मात्रा 3-6 ग्राम नित्य सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन कराने से वीर्य की वृद्धि एवं स्तम्भन क्षमता की वृद्धि विशेष रूप से होती है।

9. उड़द के बेसन को देसी घी में हल्का लाल करके रख लें। इसमें से 50 ग्राम नित्य दूध में अच्छी तरह उबाल कर, मिश्री मिलाकर नित्य सेवन करें तो वीर्य एवं स्तम्भन शक्ति की पूर्ण वृद्धि होती है। नियमित सेवन से एक वृद्ध भी युवा की तरह संभोग करने में सक्षम हो जाता है।

10. पिण्ड खजूर का फल 5, काली मिर्च 3 और छोटी इलायची 2 चबा कर खाने एवं ऊपर से मिश्री मिला दूध 250 मि.ली.(कम से कम) नित्य सेवन करें तो वीर्य एवं स्तम्भन शक्ति की अपूर्व वृद्धि होती है।

Shighrapatan Ke Upay

11. अंकुरित उड़द 100 ग्राम देसी घी में हल्का भूनकर मिश्री मिले दूध के साथ नित्य खाने से शीघ्रपतन अवश्य दूर हो जाता है।

12. असगन्ध नागौरी का चूर्ण 1 चम्मच, इसबगोल की भूसी 1 चाय चम्मच, मिश्री 1 चाय चम्मच और काली मिर्च तीनों का चूर्ण एक साथ मिलाकर नित्य रात को मिश्री मिले दूध का सेवन कराने से शीघ्रपतन की शिकायत एवं वीर्य संबंधी अन्यान्य समस्त विकार दूर होते हैं।

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13. कतीरा गोंद नित्य 5 से 10 ग्राम रात को पानी में भिगो दें। सवेरे लुआबदार घोल में मिश्री मिलाकर सेवन करें तो वीर्य की कमी, वीर्य का पतलापन और शीघ्रपतन जैसी शिकायतें दूर हो जाती हैं।

14. जमीकन्द और तुलसी की जड़ को पान में रखकर खाने से वीर्य स्खलित नहीं होता है। स्तम्भन क्षमता बढ़ जाती है।

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केवल पुरूषों के लिए हिंदी में ब्लाॅग, जानिए शीघ्रपतन क्यों होता है? Shighrapatan Ke Upay
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