Shighrapatan Ke Karan Lakshan Or Desi Upchar

Shighrapatan Ke Karan Lakshan Or Desi Upchar

शीघ्रपतन का परिचय

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जब कोई पुरूष संभोग के दौरान अपनी पार्टनर(सह-स्त्री) को संतुष्ट करने से पहले ही कुछ ही क्षणों में स्खलित हो जाये, तो उस अवस्था को ही शीघ्रपतन कहते हैं। संभोग का सही मायनों के अर्थ यही है कि ऐसा भोग जिसमें स्त्री और पुरूष को समान भोग करते हुए समान ही आनंद प्राप्त हो। अगर कोई ऐसा नहीं होता है और पुरूष स्त्री को स्खलित किए बिना ही स्वयं पहले स्खलित हो जाता है, तो वह पुरूष शीघ्रपतन से पीड़ित माना जायेगा।

और आज पुरूषों में यह समस्या लगभग 30 से 40 प्रतिशत बढ़ गई है। हर 10 में से 4वां व्यक्ति शीघ्रपतन की समस्या से परेशान है, जिस कारण उसे अपनी पत्नी या फिर महिला साथी के सामने शर्मिन्दगी का बोझ उठाना पड़ता है। ऐसा व्यक्ति स्त्रियों से कतराने लगता है और कोशिश करता है कि कोई ऐसा रिश्ता या वजह न कायम हो कि उसे स्त्री के सानिध्य में जाने को विवश होना पड़े।

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शीघ्रपतन की चर्चा-

शीघ्रपतन को अंग्रेजी भाषा में ‘Early Discharge’ भी कहा जाता है। देखा जाये तो शीघ्रपतन एक सामान्य समस्या है जोकि पुरूष की मानसिकता पर ज्यादा निर्भर करता है। यदि पुरूष स्वयं ही अपने आपको अंदर से नपुंसक या फिर नामर्द मानने लगे या फिर यह स्वीकार कर ले कि वह किसी स्त्री के लायक ही नहीं है। उससे कोई स्त्री संतुष्ट ही नहीं हो सकती तो, इस सोच के चलते वह पुरूष कभी इस समस्या से उभर ही नहीं सकता। क्योंकि उसकी पत्नी या पार्टनर भले ही उसे नामर्द न कहे या न समझे, मगर वह खुद को ऐसा मानकर वैसे ही मानसिकता वाली जिंदगी जीने को विवश हो जाता है।
हां, यदि शीघ्र ही इस समस्या पर समय रहते विचार और उपचार न किया जाये तो यह आगे चलकर बड़ी गंभीर समस्या का कारण जरूर बन सकती है। इसलिए शीघ्रपतन का उपचार भी आवश्यक है।

इस हिंदी लेख के माध्यम से हम शीघ्रपतन की समस्या पर ही चर्चा करने वाले हैं, इसके कारणों और देसी घरेलु उपायों के बारे में बताने वाले हैं। इसलिए आप निराश न हों और इस हिंदी लेख को पूरा अंत तक पढे़ं और स्वास्थ्य लाभ उठाकर खुलकर अपनी सेक्स लाईफ को जिएं।

आइए पहले चर्चा करते हैं शीघ्रपतन के कुछ मुख्य कारणों पर..

शीघ्रपतन के कारण-

यूं तो शीघ्रपतन के कारणों पर अभी तक डाॅक्टर्स या फिर सेक्स विशेषज्ञ अपनी कोई ठोस राय या सहमित नहीं जता सके हैं, क्योंकि यह समस्या पूरी तरह पुरूष की अपनी मानिसकता या शारीरिकता(अंदुरूनी विकार) पर निर्भर करता है। लेकिन फिर भी पाठकों की सहुलियत के लिए नीचे कुछ कारणों पर चर्चा की जा रही है, ध्यान से पढे़..

हस्तमैथुन की आदत :

डाॅक्टर्स, वैद्य और सेक्स विशेषज्ञों की जांच, शोध व अनुभवों की मानें, तो शीघ्रपतन की समस्या से वो ही पुरूष ज्यादा पीड़ित होते हैं, जिन्हें हस्तमैथुन की बुरी लत लग चुकी होती है। दरअसल जब व्यक्ति हस्तमैथुन करता है, तो उसे जल्द से जल्द अपनी हवस को शांत करने के लिए यानी क्लाइमेक्स पर पहुंचने की अति गहरी शीघ्रता होती है। और फिर यही जल्दबाजी की आदत यानी जल्दी क्लाइमेक्स पर पहुंचने की लत उसे शीघ्रपतन की ओर ले जाती है। ऐसे पुरूष के शरीर को भी वैसे ही आदत पड़ जाती है, जल्द से जल्द वीर्य को अंदर से बाहर फेंकने की।

अत्यधिक उत्तेजना का समावेश :

जो पुरूष बहुत ज्यादा कामी व कामुक होते हैं, उनके अंदर उत्तेजना भी उतनी ही तीव्र होती है। ऐसे पुरूष हमेशा सेक्स के बारे में, स्त्री के संवेदनशील अंग-प्रत्यंगों के बारे में ही सोचते रहते हैं। या फिर गंदी अश्लील किताब व साहित्य पढ़ते रहते हैं, पोर्न फिल्में के शौकीन होते हैं। इन्हीं कामुकता भरी बुरी आदतों के कारण शीघ्रपतन की समस्या इन्हें अपना शिकार बना लेती है।

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सेक्स का सही ज्ञान न होना :

सेक्स के विषय में आधी अधूरी या फिर कोई सही ज्ञान न होना भी एक कारण है शीघ्रपतन का। सेक्स-शिक्षा की कमी के कारण हमारे देश में आज की युवा पीढ़ी के अंदर सेक्स को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियाँ है, संशय व घबराहट का समावेश है। इसी अज्ञानता और घबराहट के कारण अधिकतर युवा पीढ़ी खासकर पुरूष शीघ्रपतन का शिकार हो रहे हैं।

लिंग की नसें कमजोर हो जाना :

अपने पूरे दिन में गलत आदतों को शामिल करने से जैसे- मदिरापान, धूम्रपान, तम्बाकू, गुटखा। इसके अलावा कुछ बीमारियों जैसे- मधुमेह, मोटापा आदि के कारण हमारे शरीर की तंत्रिका प्रणाली पर नकारात्मक असर पड़ता है, जिससे पुरूष के लिंग की नसें कमजोर हो जाती हैं और व्यक्ति शीघ्रपतन से पीड़ित हो जाता है।

मानसिक चिंता का होना :

आज वर्तमान में लोगों की जिंदगी बहुत ज्यादा भागदौड़ भरी हो गई है, जिस कारण वे कोई न कोई गम, चिंता या तनाव में घिरे रहते हैं और यह कारण भी शीघ्रपतन की समस्या को उत्पन्न करने के लिए काफी है। मानसिक रूप से अशांत रहने पर पुरूष संभोग में पूरी तरह अपना योगदान नहीं दे पाता और न ही अपनी पार्टनर की जरूरतों पर ही ध्यान दे पाता है, जिस कारण वह समय से पूर्व स्खलित हो जाता है और उसकी पार्टनर असंतुष्ट रह जाती है।
अक्सर कई पुरूषों में देखा गया है कि उन्हें किसी भी प्रकार का कोई सेक्स रोग या समस्या नहीं होती है, मगर फिर भी अपनी मानसिक चिंता और तनाव के कारण वे शीघ्रपतन का शिकार हो जाते हैं।

कोई रोग के चलते शीघ्रपतन होना :

यदि कोई पुरूष अपनी किसी पुरानी बीमारी से जूझ रहा हो या फिर उसे कोई लंबा या कुछ समय से चल रहा रोग हो, तो भी शीघ्रपतन न की समस्या आ जाती है। ये रोग जैसे- मधुमेह, थायराइड, हाई ब्लडप्रेशर, मूत्र संक्रमण, मोटापा आदि हो सकते हैं।

सेक्स का गलत इस्तेमाल :

कभी-कभी सेक्स में गलत स्टेप ले लेने से भी शीघ्रपतन हो जाता है। जैसे अगर अत्यधिक फोरप्ले करने के दौरान आई उत्तेजना पर ध्यान नहीं दिया जाये तो खुद पर नियंत्रण खो जाता है और जल्दी वीर्यपात हो जाता है। ऐसे ही बहुत देर तक मौखिक संभोग(Oral Sex) करने से भी शीघ्रपतन होता है।

शीघ्रपतन का आयुर्वेदिक और घरेलु उपाय-

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1. 5-5 ग्राम मिश्री और अश्वगंधा का चूर्ण लेकर इन्हें आपस में अच्छी तरह मिश्रण कर लें। इस मिश्रित चूर्ण को गुनगुने दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करें। अनियमित रूप से कुछ दिनों तक इस योग को करें, निश्चित ही लाभ होगा। इसके अलावा रोजाना एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण को दूध के साथ सुबह लें। यह नुस्खा भी शीघ्रपतन में रामबाण का काम करता है।

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2. मूसली का चूर्ण(पाउडर) 4 ग्राम और 4 ग्राम कैप्सूल को दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करने से वीर्य को बल मिलता है, वीर्य के विकार दूर होते हैं और वीर्य गाढ़ा होता है, जिससे शीघ्रपतन की समस्या में बहुत लाभ होता है।

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3. धूप में अच्छे-से सुखाई हुई जामुन की गुठली के चूर्ण को लेने से शीघ्रपतन की समस्या में बहुत ज्यादा आराम मिलता है। इस चूर्ण की 3 से 4 ग्राम की मात्रा रोजाना सुबह या शाम को लेें।

4. बिदारीकन्द का चूर्ण बनाकर रख लें। दो ग्राम चूर्ण गूलर के स्वरस में मिलाकर चाटें और ऊपर से दूध में घी मिलाकर पी जायें, इससे कामोत्तेजना बढ़ती है, संभोग में आनंद प्राप्त होता है, देर से स्खलन होता है। शीघ्रपतन नहीं होता।

5. माशा बरगद के वृक्ष की कोपलें, 8 ग्राम गूलर के वृक्ष की छाल और 6 ग्राम मिश्री सिल पर पीसकर लुगदी बना लें। इसे खाकर ऊपर से 250 ग्राम दूध पी लें। इसका 40 दिन तक सेवन करने से स्तम्भन शक्ति बढ़ती है, जो वीर्य को अंदर रोके रखने की क्षमता को बढ़ाता है। शीघ्रपतन नहीं होता।

6. गिलोय का सत और बंशलोचन समभाग मिलाकर पीस लें। दो ग्राम दवा खाने से शीघ्र स्खलन नहीं होता।

7. डेढ़ ग्राम कुलीजन का चूर्ण, 10 ग्राम शहद में मिलाकर चाटें, ऊपर से गाय के दूध में शहद मिलाकर पीने से शीघ्रपतन की समस्या समाप्त हो जाती है।

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केवल पुरूषों के लिए हिंदी में ब्लाॅग, जानिए शीघ्रपतन क्यों होता है? Shighrapatan Ke Karan Lakshan Or Desi Upchar
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Chetan Anmol Sukh
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