Shighrapatan Ka Gharelu Ilaj

Shighrapatan Ka Gharelu Ilaj

शीघ्रपतन का घरेलू उपचार

shighrapatan ki medicine, premature ejaculation, shighrapatan ki dawa

परिचय-

शीघ्रपतन, जैसा कि नाम से ही प्रतीत होता है यानी जल्दी नष्ट होना, जल्दी गिरना। यहां जल्दी नष्ट होने से तात्पर्य है कि वीर्य का जल्दी स्खलित होना।

विस्तारपूर्वक परिचय-

संभोग के दौरान यदि पुरूष कुछ ही क्षणों में अपनी महिला पार्टनर को बिना संतुष्ट किये ही स्खलित हो जाये, तो उसे शीघ्रपतन कहते हैं। शीघ्रपतन की समस्या में फोरप्ले के दौरान, लिंग प्रवेश से पूर्व या फिर लिंग प्रवेश करवाते ही तुरन्त वीर्य निकल जाता है और यही समस्या जिस पुरूष में पाई जाती है, वह शीघ्रपतन से पीड़ित माना जाता है। कई पुरूषों की स्थिति तो इतनी खराब होती है कि वह केवल स्त्री की कल्पना मात्र से या फिर स्त्री के करीब जाकर केवल स्पर्श मात्र से ही उनका वीर्यपात हो जाता है।

शीघ्रपतन होने से पुरूष को अपनी पार्टनर व पत्नी के सामने शर्मिन्दा होना पड़ता है। यहां तक कि स्त्री भी पुरूष से घृणा करने लगती है और अपनी काम-पिपासा शांत न होने के कारण चिड़चिड़े स्वभाव की हो जाती है। पत्नियां, पति को कोसने लगती हैं, ताने मारने लगती है यहां तक कि कई तो नामर्द कहकर भी संबोधित कर देती हैं। शीघ्रपतन के कारण कई घर हमने टूटते व बिखरते भी देखे हैं। इसलिए समय रहते शीघ्रपतन की चिकित्सा आवश्यक है।

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शीघ्रपतन के कारण-

1.अधिक संभोग करना।

3. धात की समस्या।

2. हस्तमैथुन की लत।

5. यकृत कमजोरी आदि।

शीघ्रपतन के लक्षण-

4. वीर्य की गर्मी या पतलापन।

6. बचपन की गलतियों व बुरी संगति, इत्यादि।

योनि में लिंग प्रवेश करते ही या प्रवेश करने से पूर्व ही वीर्यपात हो जाना, स्त्री को पूर्ण संतुष्ट नहीं कर पाना, संभोग से भरपूर आनंद प्राप्त न होना, लिंग शिथिल हो जाना आदि।

शीघ्रपतन रोग के परिणाम-

शीघ्रपतन विवाहित जीवन की खुशियों का गला घोंट कर रख देता है, जैसे विवाहित जीवन की खुशियों को ग्रहण-सा लगा देता है और धीरे-धीरे रोगी को नपुंसकता की ओर धकेलता जाता है। शुरू-शुरू में संभोग करने पर फिर प्रारम्भ करते समय और उसके बाद प्रारम्भ करने से पहले ही वीर्यपात होने लगता है और अंत में तो एक समय ऐसा आता है कि केवल चिंतन मात्र से बिना लिंगोत्थान के ही वीर्यपात हो जाता है और सही समय पर लिंग में कठोरता भी नहीं आती है। इस प्रकार धीरे-धीरे शीघ्रपतन की समस्या नपुंसकता में परिवर्तित हो जाती है।

शीघ्रपतन का देसी घरेलू उपचार-

shighrapatan ka gharelu upchar

1.इमली के बीजों को भूनकर छिलके उतार कर बारीक पीस लें। तीन ग्राम इस चूर्ण में समभाग खांड मिलाकर गाय के दूध से सुबह के समय शीघ्रपतन से पीड़ित व्यक्ति को खिलाते रहें।

2. बबूल की कच्ची फलियां, बढ़ वृक्ष की दाढ़ी, इमली के छिल हुए बीज समभाग पीसकर खांड मिलाकर रख लें। 6 ग्राम सुबह के समय गाय के दूध से खिलायें। बबूल की फलियों और बढ़ की दाढ़ी को छाया में सुखा लें। वीर्य प्रमेह, स्वप्नदोष और शीघ्रपतन में बहुत लाभप्रद है।

3. बढ़ वृक्ष का दूध 10-15 बूंद बताशे पर डालकर सुबह के समय खाली पेट खिलायें। उसके बाद गाय का दूध पिलायें। शीघ्रपतन को दूर करने में बहुत ही कारगर उपाय है। एकदम अमृत-तुल्य है।

Shighrapatan Ka Gharelu Ilaj

4. इमली के छिले हुए बीज और सिरस के बीज पीसकर बढ़ वृक्ष के दूध में घोंटकर जंगली बेर के बराबर गोलियां बना लें। एक-दो गोलियां दूध से खिलायें। शीघ्रपतन में लाभप्रद है।

5. जंगली बेर का छिलका बारीक पीसकर ईसबगोल की भूसी समभाग मिलाकर इसमें पिसी चीनी मिलाकर 6 ग्राम सुबह के समय दूध से खिलायें। शीघ्रपतन में अत्यंत फायदेमंद है।

6. 50 ग्राम सालब मिश्री कपड़े की ढीली पोटली में बांधकर ढाई किलो गाय के दूध में पकायें। जब सारा दूध खुश्क हो जाये, तो सालब मिश्री पोटली से निकाल कर पानी से धोकर खुश्क करके पीसकर उसमें समभाग खांड मिला लें। 3 से 6 ग्राम तक गाय के दूध से खिलायें। वीर्य प्रमेह और वीर्य पतला होने को दूर करके वीर्य को गाढ़ा बनाती है और स्तम्भन शक्ति उत्पन्न करती है।

7. धतूरे के फूल खरल करके चने के बराबर गोलियां बना लें। एक गोली संभोग से डेढ़ घण्टा पहले गाय के दूध से खिलाएं। स्तम्भन शक्ति और संभोग आनंद उत्पन्न करने का उत्तम योग है। ताज़ा फूल न मिलने पर छाया में सूखे फूलों की भी गोलियां बना सकते हैं।

8. बढ़ वृक्ष के पीले पत्ते चालीस किलो लेकर लोहे की साफ कड़ाही में डालकर उसमें 160 किलो पानी डालकर धीमी आग पर देर तक पकायें। भली प्रकार गल जाने पर मलकर व छानकर पत्तों को फेंक दें और क्वाथ को धीमी आग पर पकायें। गाढ़ा हो जाने पर उसमें भूफली पिसी हुई 20 तोले मिलाकर देर तक घोटें। तब जंगली बेर के बराबर गोलियां बना लें। 4 गोलियां प्रातः एक पाव गाय के दूध से खिलायें। वीर्य प्रमेह और स्त्रियों के श्वेत प्रदर(सफेद पानी आना) में लाभप्रद है।

9. 6 ग्राम वज़न का बताशा लेकर उसमें 10 ग्राम बढ़ वृक्ष का दूध और डेढ़ ग्राम अफीम मिलाकर लोहे के हमाम दस्ते में एक घण्टे तक कूटें। तब उड़द के बराबर गोलियां बना लें। संभोग से दो घण्टे पहले एक गोली दूध से खिलायें। स्तम्भन शक्ति उत्पन्न करने के लिए अनुपम योग है। जब तक नमक न खायें, बार-बार संभोग करने पर वीर्य नहीं निकलता।

10. इमली का बीज का छिलका उतार कर 50 ग्राम लेकर कूट-पीस लें। बढ़ वृक्ष की ताजा कोंपले पानी में पीस-छानकर एक बोतल पानी निकालें। उस पानी में उपरोक्त चूर्ण घोंट कर जंगली बेर के बराबर गोलियां बना लें। सुबह-शाम एक-एक गोली गाय के दूध से खिलायें। शीघ्रपतन, वीर्य प्रमेह और वीर्य को गाढ़ा बनाने में लाभप्रद है।

11. भूफली बूटी 10 ग्राम पानी में पीस-छानकर खांड मिलाकर सुबह के समय खिलायें। वीर्य प्रमेह और स्वप्नदोष में बहुत लाभकारी है। शीघ्रपतन के लिए तो रामबाण है।

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Shighrapatan Ka Gharelu Ilaj
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केवल पुरूषों के लिए हिंदी में ब्लाॅग, जानिए शीघ्रपतन क्यों होता है? Shighrapatan Ka Gharelu Ilaj
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Chetan Anmol Sukh
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