Shighrapatan Ka Ayurvedic Ilaj

Shighrapatan Ka Ayurvedic Ilaj

शीघ्रपतन क्या है?

Shighrapatan Ki Dawa, Shighrapatan Ka Ilaj, Premature Ejaculation

शीघ्रपतन की समस्या में पुरूष का वीर्य अतिशीघ्र निकल जाता है और उत्तेजना पूरी तरह शांत होकर लिंग भी शिथिल पड़ जाता है। फिर पुरूष, सेक्स करने में कुछ समय के लिए असमर्थ हो जाता है। यह समय कुछ मिनट या फिर घंटों का भी हो सकता है, जिसके परिणाम स्वरूप स्त्री की काम-तृप्ति अधूरी रह जाती है। वह पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो पाती और पुरूष को कोसने लगती है, घृणा करने लगती है। इस स्थिति में पुरूष को बड़ी ही शर्मिन्दगी का एहसास होता है। उसे अपनी स्थिति पर क्रोध आने लगता है। पारिवारिक कलह, तलाक या स्त्रियों के परपुरूष गामिनी होने का एक महत्पूर्ण करण पुरूष का शीघ्रपतन होना भी है।

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बहुत से पुरूष योनि में लिंग प्रवेश करा कर केवल एक-दो आघात में ही स्खलित हो जाते हैं और उनका लिंग तनावरहित हो जाता है, जिस कारण योनि का पर्याप्त घर्षण नहीं हो पाता। योनि में लिंग प्रवेश के उपरान्त कम से कम 1-2 मिनट तो योनि का घर्षण होना ही चाहिए, ताकि स्त्री को भी तृप्ति मिले। अगर 1-2 मिनट तक पुरूष घर्षण न कर सके तो वह शीघ्रपतन ग्रस्त है। शीघ्रपतन हो जाने पर स्त्री तो अतृप्त ही रह जाती है, पुरूष को भी आत्मग्लिानी होती है। उसकी आँखें झुक जाती हैं। कई रोगियों में कालांतर में नपुंसकता जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

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शीघ्रपतन के कारण-

Shighrapatan Ka Ayurvedic Ilaj

वैसे तो कई कारण हैं, जो सेक्स समस्या उत्पन्न कर सकते हैं। जैसे कि शारीरिक कारणों की अवस्था में मोटापा, उच्च रक्तचाप, दिल से संबंधित बीमारी, मधुमेह, हाई कोलेस्ट्राॅल, अथेरोस्क्लेरोसिस आदि। इनके अतिरिक्त बढ़ा हुआ वजन, मानसिक चिंता, मदिरापान, अधिक उम्र, नशीली दवाओं का सेवन, लंबे समय तक दवाओं का सेवन करना आदि।

मानसिक कारणों की बात की जाये तो उत्तेजना की शुरूआत ही मस्तिष्क से होती है और सेक्स में मस्तिष्क का कनेक्शन भी बहुत अधिक प्रभाव डालता है। चिंता और तनाव मस्तिष्क में उत्तेजना को अधिक देर तक टिकने नहीं देता, जिसके परिणाम स्वरूप स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) उत्पन्न होता है और व्यक्ति चरम तक नहीं पहुंच पाता।

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शीघ्रपतन की आयुर्वेदिक चिकित्सा

1. मन्मथ रस एक गोली, कामचुड़ामणि रस 1 गोली, शतावरी चूर्ण 2 ग्राम, कौंच बीज का चूर्ण 2 ग्राम(वैद्य द्वारा शोधित होना चाहिए), जातिफल चूर्ण 250 मिग्रा।
ऐसी 1 मात्रा दिन में 2 बार शहद से लें।

2. अश्वगंधारिष्ट 4-4 चम्मच दिन में 2 बार खाने से पहले जल में मिलाकर लें।

3. वानरीपाक 1-1 चम्मच दिन में 2 बार दूध से लें।

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केवल पुरूषों के लिए हिंदी में ब्लाॅग, जानिए शीघ्रपतन क्यों होता है? Shighrapatan Ka Ayurvedic Ilaj
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Chetan Anmol Sukh
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